छंद किसे कहते हैं – Educational Dose

प्रिय दोस्तों आज हम लोग एक बहुत ही रोचक टॉपिक पढ़गे जो यही है की छंद किसे कहते हैं और आज छंद के
बारे में डिटेल में जानेंगे ये टॉपिक आज मैंने हिंदी व्याकरण के विषय से लिया है हिंदी व्याकरण थोड़ी कठिन जरूर है लेकिन बहुत रोचक विषय भी है हिंदी व्याकरण कहते है तो शुरू करते है आज का टॉपिक छंद किसे कहते हैं

छंद किसे कहते हैं

एसे छंद जो वर्णों या मात्राओं के निर्धारित संख्या के योग विन्यास के अद्धर से यदि आहार पैदा हो, तो उसे छंद कहते है । ये दोनों अतिप्राचीन परिभाषाओ से स्पस्ट हो जाता है| छंद शब्द ‘ चद ‘ धातु से बना है जिसका अर्थ होता है– खुश करना। और इसका दूसरा नाम पिंगल भी होता है |हिंदी साहित्य के अनुसार अक्षर की कुल सख्यां मात्रा,यति, गणन इत्यादि के समबंधित किसी विषय के रचना को छंद कहते है |

छंद प्रमुख रूप से दो प्रकार के होते है |

1)चरण और पाद
2) वर्ण और मात्रा

प्रमुख रूप से छंद के कई अंग होते है |

1.यति/विराम

2. चरण/ पद/पाद

3. वर्ण और मात्रा

4.संख्या क्रम और गण

5.लघु और गुरु

6.तुक

1.यति/विराम

छंद में नियमित वर्ण या मात्राओं पर सांस लेने के लिए रुकाना पड़ता है। और इसी रुकने के स्थान को यति या विराम कहते है। जैसे छन्दशास्त्र में यति का अर्थ विराम अथवा विश्राम होता है। छोटे छंद में साधारण यति चरण के अंत में होती है और बडे छंद में एक ही चरण में अधिक यति और विराम होते है|

2. चरण/ पद/पाद

छंद में प्राय 4 भाग होते है
कुछ छंदो मे चरण चार होते है और वे लिखे दो पंक्तियों जाते जैसे सोरठा , दोहा आदि इसी प्रकार छंद के पृत्येक दल कहते है कुछ छंद के छ: छः पक्तियो के रूप में प्रयोग किया जाते है ऐसे छंद है छंदो के दो योग से बनते है
चरण दो प्रकार के होते है विषम और सम चरण
द्वितीय और चतुर्थ चरण को सम और प्रथम व तृतीय चरण को विषम कहते है।

3. वर्ण और मात्रा

वर्ण को ही अक्षर कहते है। चाहे वह दीर्घ हो या लघु है जैसे रमा, रम, राम इत्यादि इन तीनो शब्द में दो-दो वर्णही प्रयोग हुआ है मात्रा किसी वर्ण या ध्वनि के उच्चारण कोही मात्रा कहा जाता है।

4.संख्या और क्रम

क्रम वर्णों की मात्रा गणना को संख्या तथा दीर्घ हो या लघु के क्रम को निर्धारित करने को क्रम कहते हैं।और ऐसे संख्या और क्रम कहते है |

5) लघु और गुरु

लघु और गुरु किसी क्या होते है तो हम आपको बतायेगे की लघु और गुरु है। लघु और गुरू छंद का तीसरा रुप है लघु वर्ण उन मात्राओ को कहते है जिसके उच्चारण मे बहुत कम समय लगता है । अ,इ ,उ इत्यादि इनके अक्षरो के ऊपर चांद बिन्दी लगा हो उन्हे लघु वर्ण कहते है
गुरु वर्ण उसकी मात्रा से युक्त को दीर्घ वर्ण कहते है जैसे आ,ई,ऊ , इत्यादि को गुरु वर्ण कहते है

6.तुक

तुक का प्रयोग जिस छंद के अन्त मे होता है तो उसे तुकान्त छंद तथा जिस छन्द के अन्त मे तुक का प्रयोग न हो तो उसे अतुकान्त छंद कहते है ।

प्रिय दोस्तों आज हम लोग एक बहुत ही रोचक टॉपिक पढ़गे है जो छंद किसे कहते हैं और हमें आशा है के आपको यह पोस्ट बहुत ही अच्छा लगा होगा और काफी समझ आया होगा और आप लोग पोस्ट को कमेंट और अधिक से अधिक शेयर करो | धन्यवाद

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