जीवन में पिता का महत्व -Educational Dose

नमस्ते दोस्तों कैसे हैं आप सब, एक बार फिर से स्वागत आप सबका Educational Dose के इस नये पोस्ट( जीवन में पिता का महत्व )में , आज हम अपने प्रिय पिता के बारे में पढेंगे क्योकि हमारे इस जीवन का अस्तित्व हमारे प्रिय पिता है तो दोस्तों हमारे इस पोस्ट ( जीवन में पिता का महत्व )को आप सब ध्यान से पढिएगा तो चलिए शुरू करते है |

प्रस्तावना :-

मेरे पिता मेरी पहचान है, मेरे पिता मेरी ताकत है, मेरे पिता मेरा सम्मान है |

इस दुनिया में जितना ऊँचा माँ का का दर्जा है उतना ही पिता का भी है क्योकि माँ बाप के बिना ये जिंदगी व्यर्थ है पिता एक कठोर इंसान होता है जैसे नीम का पेड़ परन्तु छाया ठंडी देता है मेरे पिता मेरी दुनिया हैं वो हमे बहुत ही ज्यादा डाटते है पर उनकी डाट में भी प्यार छिपा होता है हम अपनी माँ की ऊँगली पकड़कर बड़े जरूर होते है पर पिता के बताये हुए रास्ते पे चल के ही हम बड़े होते हैं | हम जीवन भर पिता के नाम से ही जाने जाते है की हम किस के बेटे हैं |

पिता बिना किसी लोभ के सारी जिंदगी मेहनत बस हमारे लिए ही करते है ताकि हम पढ़ लिख कर बड़ा आदमी बने | वो हमे हर ख़ुशी देना चाहते है हमारी हर ख्वाइश पूरी करना चाहते है वो बिना कहे ही हमारी हर बात को समझ लेते हैं वो पिता ही है जिस के काँधे पर बैठ के हम घूमते हैं और वे घोडा बनकर हमारे साथ खेलते भी हैं |

छुट्टी के दिन पिता जी हमे घुमाने भी ले जाते है | पिता किसी भी हाल में रह लेंगे लेकिन वो अपने बच्चो को हमेशा अच्छे साफ़ कपडे पहनाते हैं अच्छा खाना खिलाते है और अच्छी परवरिश भी देते हैं पर कुछ बच्चे ऐसे भी हैं जो पिता का कहना नहीं मानते हैं और गलत रास्ते पर चले जाते हैं | तो मै बस इतना ही कहूंगा की माँ- बाप के बिना ये जीवन जीना व्यर्थ हैं |

पिता के लिए :-


“”मुझे रख दिया छाँव में खुद जलते रहे धूप में
मैंने देखा है ऐसा एक फरिश्ता अपने पिता के रूप में “”

उपसंहार :-

पिता इस संसार का सबसे मजबूत सबसे ताकतवर और एक अच्छा योद्धा होता है | एक पिता ही है जो 100 शिक्षकों के बराबर होता हैं | जो हमे जन्म से ही अच्छे संस्कार देकर हमे गुणवान और शिक्षित और एक सफल इंसान बनाना चाहता हैं | एक पिता सदैव अपने बच्चो की उन्नति देखना चाहता है खुद से ज्यादा आगे बढ़ता देखना चाहता है | एक पुत्र के लिए उसके पिता की जेब कभी खाली नहीं होती चाहे वह छोटा हो या फिर बड़ा |

हमारे सफल होने में परिवार का बहुत बड़ा योगदान होता है और परिवार का मुखिया पिता ही होता है पिता ही परिवार का मार्गदर्शन करते है इस कारण बच्चो में किन प्रारंभिक मूल्यों का विकास होगा वह पिता पर ही निर्भर करता है | पिता परिवार का मुखिया होने के नाते परिवार के लिए पिता स्वर्ग से भी बढ़कर होते है | पिता ही परिवार को एक जुट में बांधकर रखते हैं और सही दिशा दिखाते है |

इंसान के जीवन में पिता की प्रमुख विशेषता कुछ इस प्रकार है :-

अनुशासन, कर्मठ, धैर्यवान, साहसी, त्यागी, समर्पण, मजबूत और अपने परिवार के लिए प्रेम है|

परिवार में माँ बाप का अहम् किरदार और महत्त्व है जहाँ माँ के आँचल में बच्चे बड़े होते है और माँ सभी का ख्याल रखती है तो वही पिता अपने परिवार के लिए पोषक और प्रतिनिधि के सामान होते हैं सभी तरह की परेशानियो और जिम्मेदारियों को पूरा करने में पिता का ही हाथ होता है |

संतान के लिए पिता मानो एक छत के सामान है जिसके बिना उसे खुले आसमान के नीचे सोना पड़ेगा| इस जीवन में बिना पिता के घर चलना बहुत ही मुश्किल है | पिता के दूर जाने का दर्द सिर्फ वो ही समझ सकते है जिन्होंने अपने पिता को खोया है अगर संतान अपने माँ बाप का कहना माने और उनके दिखाए हुए मार्ग पर चले, उनका हर आदेश भगवान् की तरह माने तो दुनिया की हर कामयाबी को आसानी से पा सकता है |


“” मुश्किल राहो में भीड़ बिल्कुल आसान सा सफर लगता है
ये कुछ और नहीं बस मेरे पिता की दुआओ का असर लगता है |””

निष्कर्ष :-

जीवन में हमे हमेशा पिता की उपस्थिति को महत्व देना चाहिए और जीवन भर उनका सम्मान करना चाहिए | बच्चे चाहे कितने ही बड़े क्यू न हो जाए उन्हें अपने पिता के दिए हुए निर्देशों का सम्मान करना चाहिये क्योकि वो हमें जो भी सलाह देंगे हमारी भलाई के लिए ही देंगे| हमे अपने माँ बाप से प्यार करना चाहिए और उनका सम्मान भी करना चाहिए उन्हें अपने से दूर कभी भी नहीं करना चाहिए क्योकि एक वे ही ऐसे इंसान है जो हमे पूरे दिल से और आत्मा से प्यार करते हैंI

और मै उन सभी लोगो से कहना चाहूंगा की जो लोग आज कल अपने माँ बाप का उम्र हो जाने पर उन्हें घर से बाहर निकाल देते है और बृद्धा आश्रम भेज देते हैं उनसे हाथ जोड़कर निवेदन है की वे ऐसा न करे क्योकि बच्चे कितने भी नालायक क्यूं न हो माँ बाप का प्यार उनके लिए हमेशा दिल से ही रहता है और हमेशा उनके बारे में ही सोचते है तो सोचिये उन्ही माँ बाप को घर उन्ही के घर से बाहर निकलना कितना गलत है |

आप जैसा कर्म करोगे आपको वैसा ही फल मिलेगा जिस तरह का व्योहार आप अपने पिता और माँ के साथ करोगे वैसा ही आपके बच्चे बड़े होने पर आपके साथ करेंगे क्योकि जैसा आप बोओगे वैसा ही काटोगे |


“””कमर झुक जाती है बुढ़ापे में उसकी सारी जवानी जिम्मेदारियों का बोझ ढोकर
खुशियों की ईमारत खड़ी कर देता है पिता अपने लिए बुनेहुए सपनो को खो कर “”


मुझे आशा है दोस्तों की आप सब को आज का ये पोस्ट ( जीवन में पिता का महत्व )पसंद आया होगा | यदि आपको मेरा यह पोस्ट( जीवन में पिता का महत्व )अच्छा लगा है और इससे आपको कुछ जानने को मिला है और लगता है यह जानकारी अन्य लोगो को मिलनी चाहिये तो इसे आप Social Media पर जरूर Share कीजिये जिससे इसकी जानकारी और भी लोगो को मिले और वो भी जान सके समय के महत्व के बारे में….


यदि आपके मन में कोई सवाल है मेरी इस पोस्ट( जीवन में पिता का महत्व ) से तो comment करके जरूर बताये मै उसका जवाब देने की पूरी कोशिश करूंगा …

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