सिक्किम की वेशभूषा – Educational Dose

नमस्ते दोस्तों कैसे हैं आप, एक बार फिर से स्वागत आपका Educational Dose के इस नये पोस्ट ( सिक्किम की वेशभूषा ) में, आज आप पढेंगे की सिक्किम की वेशभूषा क्या है ? और किस तरह से वो अपनी संस्कृति के अनुरूप साज-श्रृंगार करते है ? इस पोस्ट को आप ध्यान से पढिएगा तो चलिए शुरू करते है |

सिक्किम की वेशभूषा

सिक्किम की वेशभूषा उनके प्रमुख समुदायों भूटिया, लेप्चा और नेपाली है, उनकी सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन शैली को दर्शाती हैं | भूटिया, नेपाली और लेप्चा के तीनो समुदाय अलग-अलग वेशभूषा धारण करते है , जो राज्य में पाई जाने वाली विभिन्नता को अत्यधिक बढ़ाते हैं |

सिक्किम के पुरुषो की वेशभूषा

लेप्चा पुरुषो की परम्परागत वेशभूषा थोकोरो-दम है, जिसमे एक टोपी, एक लेप्चा शर्ट और शंबो, एक सफेद पाजामा येन्ह्त्से शामिल है | पुरुषो की पोशाक लम्बे अवधि तक चलने वाली एवं बनावट खुरदरी होती हैं, जो जंगल एवं खेत के लिए एकदम सही है |

भूटिया पुरुष की परम्परागत वेशभूषा में खो भी संगठित है, जिसे बाखू के नाम से भी सभी जानते है |

नेपाली पुरुष ने अपनी वेशभूषा में अपनी सांस्कृतिक परम्परा को बना कर रखा है | नेपाली पुरुष अपनी वेशभूषा में एक शर्ट, एक चूड़ीदार पायजामा जो दउरा के नाम से भी विख्यात है, के ऊपर शूरवल पहनते है | यह कलाई कोट, आस्कोट और उनकी बेल्ट से जुड़ा होता है, जो पटुकी के नाम से भी विकसित हैं |

सिक्किम के महिला की वेशभूषा

लेप्चा महिलाओ की वश परम्परागत पोशाक डुमिडम या डमवम है | लेप्चा महिलाओ के आभूषण नामचोक, ग्यार, शानदार गहने, प्रवेश, एक कंगन, बालियाँ, लायक एक हार है |

भूटिया समुदाय की महिलाये वर्षो से सिक्किम की सामाजिक एवं संस्कृति मानदंडो पर निर्वाहित रहती है | भूटिया महिलाओ की सामान्य वेशभूषा में बाखू या खो सम्मिलित है , और कुशेन, एक रेशमी फुल-स्लीव्स वाला ब्लाउज, एक जैकेट, शंबो, शबचू और टोपी का एक अलग पैटर्न भी सम्मिलित हैं | वैवाहिक भूटिया महिलाओं का प्रतीक धारीदार एप्रन एवं पैंगडन हैं | भूटिया महिलाओ की शुन्दार्ता में चार-चाँद लगाने वाले आभूषण मोती आभूषण, येन्चो, खाओ, बाली, दीव,हार, सोने की चूड़ी, फीरू, जोको और अंगूठी हैं | भूटिया महिलाओ को स्वर्ण अत्यधिक प्रिय हैं, इसलिए उनके आभूषण ज्यादातर स्वर्ण के ही हैं |

Months Name in Hindi and English | महीनों के नाम हिंदी और अंग्रेजी में

सिक्किम के नेपाली महिलाओ की परम्परागत वेशभूषा बहुत ही शानदार एवं लाजवाब होती है | साड़ी, फरियाद, जीवंत रंगों में भव्य , निश्चित रूप से नेपाली महिलाओ की सुन्दरता को और अधिक निखारता है,लम्बे ढीले ब्लाउज के साथ सही ड्रेसिंग का अनुभव बहुत ही आकर्षित करता है इस चोले को चार तरफ से बांधते है, इसलिए इसे चोबंदी चोलो के नाम से भी जाना जाताहै|
एक और अलग किस्म का ब्लाउज थारो चोलो भी है | शरीर के उपरी हिस्से को बहुत ही सुंदर बनावट के साथ कपड़े के टुकडो से ढंका जाता हैं , इसे ह्म्बरी भी कहते हैं |

नृत्य वेशभूषा नेपाली महिलाओ की बहुत ही अदभुत होती है | कपड़े का एक रंगीन टुकड़ा, पचौरी, सिर से कमर तक निलंबित, नृत्य के दौरान साज-सजावट के रूप में किया जाता हैं |

अन्य बिहारी, बंगाली, मारवाड़ी या पंजाबी समुदाय साड़ी, ऊनी वस्त्र, सलवार-कमीज दुपट्टा और यहाँ तक की पश्चिमी वेशभूषा जैसे – टी-शर्ट, पतलून, जींस कुछ भी जो उनके पसंद और मन के अनुरूप होता है, की उनकी परंपरागत वेशभूषा को पूरा करते है | सिक्किम की वेशभूषा, उनके गहनों की चमक, पहनावे एवं उनकी सुन्दरता उनके संस्कृति और सामाजिकता के प्रति प्रेम को दर्शाती हैं |

मुझे आशा है दोस्तों की आप को आज का पोस्ट पसंद आया होगा | यदि आपको मेरा यह पोस्ट( सिक्किम की वेशभूषा ) अच्छा लगा है, और इससे आपको कुछ जानने को मिला है और लगता है यह जानकारी अन्य लोगो को भी मिलनी चाहिये तो इसे आप Social Media पर जरूर Share कीजिये जिससे इसकी जानकारी और भी लोगो को मिले और वो भी जाने की सिक्किम की वेशभूषा क्या है ?


यदि आपके मन में कोई सवाल है मेरी इस पोस्ट से तो comment करके जरूर बताये मै उसका जवाब देने की पूरी कोशिश करूंगा …

Leave a Reply

Your email address will not be published.