Bhasha kise kahate hain – Educational Dose

नमस्ते दोस्तों, एक बार फिर से स्वागत है आपका एजुकेशनल दोसे के एक नये पोस्ट में, इस आर्टिकल में पढ़ेंगे कि, भाषा किसे कहते हैं ? Bhasha kise kahate hain और आप जानेंगे की भाषा किसे कहते है एवं कितने प्रकार के होते है हमारी ये पोस्ट Bhasha kise kahate hain आपको पसंद आया हो और कुछ खामिया मिली हो तो कमेंट करके हमे जरुर बताये |


भाषा किसे कहते हैं ? :-

भाषा वह साधन है जिसके dwaara व्यक्ति बोलकर ,सुनकर, समझकर , लिखकर, पढ़कर अपने मन में उत्पन्न भावो या विचारो को दुसरो के सामने प्रकट करता हैं या हम अपने भावो या विचारो को दुसरो को समझा सके और दूसरो के भावो एवं विचारो को समझ सके उसे भाषा कहते है जैसे :- हिंदी, अंग्रेजी इत्यादि |
इस समय सारे विश्व में प्रायःकई तरह की भाषाये बोली जाती है जो हजारो तरह की है जो साधारणतः अपने भाषियों को छोड़ और दुसरे लोगो की समझ में नहीं आती | भाषा विज्ञानं के ज्ञाताओ में भाषाओ के आर्य, सेमेटिक, हेमेटिक आदि कई वर्ग स्थापित करके उनमे से प्रत्येक की अलग अलग शाखाये स्थापित की है और उन शाखाओ के भी अनेक वर्ग- उपवर्ग बनाकर उनमे बड़ी-बड़ी भाषाओ और उनके प्रान्तीय भेदों, उपभाषाओ अथवा बोलियों को रखा है | प्रायः भाषा को लिखित रूप से समझाने या व्यक्त करने के लिए लिपियों की सहायता लेनी पडती है | भाषा और लिपि, भाव व्यक्तिकरण के दो अभिन्न पहलू हैं | एक भाषा कई लिपियों में लिखी जा सकती है और दो या अधिक भाषाओ की एक लिपि हो सकती है |


भाषा कितने प्रकार के होते हैं ?


भाषा तीन प्रकार के होते हैं


1.मौखिक भाषा

2.लिखित भाषा

3.सांकेतिक भाषा

1.मौखिक भाषा :- जब हुम अपने विचारो को बोलकर, सुनकर, समझकर व्यक्त करते है तो उसे मौखिक भाषा कहते है | दो व्यक्तियों के बीच में हो रही बात में मौखिक भाषा का ही प्रयोग होता हैं | मौखिक भाषा का प्रयोग ज्यादातर नाटको में ही होता है | जैसे ;- नाटक, फिल्म, भाषण, समाचार सुनाना आदि |

2.लिखित भाषा ;- भाषा के इस रूप में व्यक्ति अपनी भावनाओ, इच्छाओ, मनोदशा, स्थिति, परिस्थिति और विचारो को लिख कर किसी अन्य व्यक्ति को व्यक्त करता हैं तो उसे लिखित भाषा कहते हैं | पुराने समय में जब टेलीफोन का अविष्कार नहीं हुआ था तब लोग दूर बैठे व्यक्ति को कोई समाचार या घटना की जानकारी देने के लिए पत्र लिखते थे और पत्र में जरुरी जानकारी होती थी \ ये पत्र डाक के द्वारा पाठक के पास पहुचता था | लिखित भाषा के उदाहरण :- अखबार, मासिक पत्रिका,कहानी, तार, किताबे इत्यादि हैं |


3.सांकेतिक भाषा :- जब कोई व्यक्ति भाषा के दो रूप मौखिक और लिखित की जानकारी प्राप्त नही कर सकता है तो इस स्थिति में व्यक्ति अपनी भावनाओ और मनोदशा को व्यक्त करने के लिए हाथो का सहारा लेता है तो उस प्रक्रिया को सांकेतिक भाषा कहते है | ऐसे व्यक्ति जो शरीरिक रूप से दिव्यांक होते हैं और जो मूकबधिर बच्चे होते है तो वो अपनी भावनाओ और मनोदशा को व्यक्त करने के लिए हाथो और उंगलियों के इशारे तथा चेहरे के हाव- भाव की सहायता से अन्य व्यक्ति को बताते है | हमारे देश में जिस सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण दिया जाता है वह भाषा अफ्रीका की सांकेतिक भाषा है जिसे दुनिया भर में पहचान मिली हैं |

नमस्ते दोस्तों, एक बार फिर से स्वागत है आपका एजुकेशनल दोसे के एक नये पोस्ट में, इस आर्टिकल में पढ़ेंगे कि, भाषा किसे कहते हैं ? Bhasha kise kahate hain और आप जानेंगे की भाषा किसे कहते है एवं कितने प्रकार के होते है हमारी ये पोस्ट Bhasha kise kahate hain आपको पसंद आया हो और कुछ खामिया मिली हो तो कमेंट करके हमे जरुर बताये |

धन्यवाद

YOU MAY ALSO LIKE THESE POSTS