Diwali Essay in Hindi – Educational Dose

नमस्कार दोस्तों आज हमरी वेबसाइट में एक पोस्ट Diwali Essay in Hindi लाये है जोकि सभी शिक्षकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है ।

Diwali Essay in Hindi

दिवाली का अर्थ :-

हमें पूरा भरोशा है हमारी आज की पोस्ट Diwali Essay in Hindi आपको सबको बहुत पसंद आया गा दिवाली पे निबंध वो सभी शिक्षकों को जरुरत पड़ सकती है जोकि उनके लिए फायदेमंद होगा जो इस विषय पर निबंध लिखे गए शिक्षकों आप इसे पढ़के कुछ सीख उठा सकते है जो आपको लिखने का कौशल बड़ा सकता है दिवाली का अर्थ है दीप + आवली जहा पे दीप का अर्थ है दीपक और आवली का शृंखला होता है मतलब दीपो की अवली होता है दिवाली धन , सुख चैन और ऐश्वर्य का त्यौहार है!

प्रस्तावना ( Introduction ) :-

दिवाली हिन्दू का बहुत लोकप्रिय त्योहारों में से एक मना जाता है जिसको हिन्दू लोग बहुत उत्साह से मानते है ! और सारे समाज में त्यौहार के माधयम से हिन्दू का प्रमुख त्यौहार होली , रक्षाबंधन है इस त्यौहार को घर में धन आता है जो की लोग अपने मन मुताबिक हर सामान लेना पसंद करता है कूकि उन सब के लिए बहुत ख़ुशी का दिन होता है और लोग अपने फ्रेंड रिस्तेदार और आस पास के लोगो को बोलते है और एक दूसरे को बधाई देते है और अच्छे से खान,पान करते है !

दिवाली क्यों मना जाता है :-

दिवाली इसलिए मनाया जाता है की जब भगवान राम जब 14 वर्ष वनवास मिला था तो वो 14 वर्षो तक वहा थे जब भगवान राम का वनवास पूरा होगया तो वो 14 वर्षो बाद अयोध्या आ रहे थे तो अयोध्या वाशियो ने अपने ख़ुशीयो की भवना को जाहिर करने के लिए पूरा अयोध्या दीयो की रौशनी से और फूलो कि मालो तैयार किया था ये ही कारण है की पूरा भारत में दिवाली बहुत धूम धाम से मानता है !

दिवाली कब मनाया जाता है :-

उत्तरी गोलर्द्ध में शीतल ऋतू में कार्तिक माह अमावस्या की रात को बड़ी ही धूम धाम से मनाया जाता है ग्रेगोरी कैलेंडर के a पर दिवाली आधार त्योहार अक्टूबर या नवम्बर के महीने में पड़ता है !

दीपावली का महत्व :-

दिवाली वह त्यौहार है जिसके वजह से हमारे घर में, घर के आस पास के स्थनो में विशेष रूप से साफ शाफ़ई हो जाती है और साथ ही साथ हमरे पूर्ववाजो की परम्परा को जोड़े रहता है और हमरे जीवन के आराध्य के पराक्रम का भी बोध कराता है। और अंत हमें ज्ञान करता है की विजय हमेसा सच और अच्छई की होती है !

दीवली की तैयारी :-

देखा जाये तो यह त्यौहार हिन्दुओ का है पर इस त्यौहार को हर धर्म और हर जाती के लोग मनाना पसंद करते है और मानते भी है और बड़ी लगन से एक दो महीने पहले से ही तैयरी करने लगते है कुछ लोग अपने घरो की रंगाई पोताई करते है और देखा जाये तो दिवाली की सफाई से कई सालो की गंदगी भव्य आकषर्ण से साफ हो जाती है और साथ साथ कुछ लोग सजावट के लिए नए नए रंग बिरंगे झालर को लाते है और अपने घरो में लगते है और आपने आपने घरो ही शोभा बढ़ते है कुछ लोग बाजार जाते है और बहुत सरे दुकानों से नए नए कपडे और मिठई खरीदते है और छुछुरैइया और पटके भी खरीदते है और उत्साह से मानते है और हम लोग पता है!

दीपावली के साथ मनाए जाने वाले दिन उत्साह में :-

दिवाली लगभग 5 दिनों का त्यौहार होता है जो की सबसे पहला दिन धनतेरस का होता है धनतेरस हिन्दू के लिए बहुत खाश दिन है आज के दिन धातु का खरीदना बहुत शुभ मना जाता है और इसलिए हर हिन्दू खरीदता भी है चाहे वह गरीब हो चाहे अमीर हो सब अपने आपने घरो में आपने आपने बजट से धातु का कोई भी वस्तु खरीदते है!

जैसे :- सोना, चाँदी के आभूषण या स्टिल कोई बर्तन आदि खरीदते है
और साथ साथ भगवन गणेश और माँ लक्ष्मी की मूर्ति लाते है और उसी दिन उनको उनके स्थान पे रख देते है और ये पांच दिन इनकी पूर्ण रूप से पूजा करते है या कह सकते है की विशेष रूप से सेवा करते है
दिवाली का दूसरा दिन को हम कह सकते है की नरक चतुर्थी का होता है और हम इसे छोटी दिवाली कहते है ।

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दिवाली का तीसरा दिन सबके के लिए बहुत मुख्य दिन होता है इस दिन हम महालक्ष्मी और भगवन गणेश जी की पूजा की जाती है और इस दिन को हम नए नए कपडे पहनते है और सबको बधाई देते है कुछ लोग इसे बड़ी दिवाली कहते है ।
दिवाली का चौथा दिन हम गोवर्धन पूजा को मानते है हमारे पूर्ववाजो का कहना है कि कृष्ण भगवान ने इंद्र भगवान के क्रोधित
से हुई मूसलाधार वर्षा से लोगो को बचने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी एक उंगली ” कनष्ठिका ” से उठा लिया था और इंद्र भगवान कि इस नदनी से बहुत ठेश पंहुचा था।

दिवाली का पांचवा दिन भाई बहन के लिए होता हो जिसे भाई दूज के रूप में मनाया जाता है ! यह दिन को हर बहन अपने भाई के लिए व्रत रहती है ! इस आखरी दिवाली कि रात को एक बड़े में दिया जलया जाता है यह दिया घर कि लक्ष्मी( माँ , भाभी या बहन ) जलती है ! इसके सुबह में ही हर घर प्रेत्यक व्यक्ति कि आँखों में काजल लगा देखने को मिलते है ।

दीपवाली से जुड़ी कुछ समाज में होने वाली कुरीतियां :-

दिवाली एक धार्मिक त्यौहार है और कुछ लोग असामाजिक तत्वों का गलत उपयोग करते है ! जैसे हम कह सकते है मदिरा , जुआ खेलना , पान , टोना टोटका और छुछुरियो पटाखों बहुत गलत प्रयोग करने में जुटे रहते है अगर देखे तो समाज में दिवाली जैसे प्रमुख त्यौहार के दिन ऐसी कुरीतियों दूर रखा चाहिए तो इस मत्त्वपूर्ण त्यौहार दिवाली वास्तव में शुभ दीपावली हो सकता है !

उपसंहार (Conclusion):-

हिंदी के एक साहित्कार ” गोपालदास नीरज जी” ने कहा था ।
” जलाओ दिए पर ध्यान रहे ध्यान इतना “
” अंधेरा धारा पर कही रह न जाए “
दीपोत्सव यानि दीपावली के त्योहार को प्यार और सौन्दर्य बढ़ता है आगे तक बढ़ने का प्रयत्न देता है !
दिवाली अपने अंधकार को दूर भगा कर समूचे वातावरण को प्रकाश देने वाला त्यौहार है
इस त्यौहार के कारण ही आज भी समाज में एकता बनी रहती है।

निष्कर्ष:-

आप देखते हो यह सुनते हो कि हर त्यौहार का एक अपना खासियत होता है ठीक उसी प्रकार से दिवाली का निष्कर्ष यह है कि उजाला ( रोशनी )के समृद्धि का सूचक मन लिया जाता है अधिकतर लोग घरो में महालक्ष्मी और भगवन गणेश कि पूजा का अर्चना करते है और उनसे धन-धान्य वरदान मागंते है पर्यावरण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखे हुए और रोशनी से परइ तरह भरपूर त्यौहार अपने परिवार के सदस्यों के मनाना चाहिए ।

दोस्तों उम्मीद करती हूँ आपको Diwali Essay in Hindi पोस्ट अच्छी लगी होगी इसे अपने दोस्तों को शेयर करना न भूलें ।