Essay on Holi in Hindi :- Educational Dose

Essay on Holi in Hindi :-

हिंदी में होली पर निबंध:- नमस्कार दोस्तों आज की लेख में Essay on Holi in Hindi लाये है जिसमे होली के बारे में बहुत सारी जानकारी है आप जानते हो दोस्तों दिवाली एक विशेष और महत्वपूर्ण त्यौहार है ठीक उसी प्रकार होली भी एक विशेष त्यौहार है जिसको आपका किसी भी कक्षा में जैसे दस या बारह में या कोइ कम्पटीसन की तैयारी में भी पूछ लेता है l जिस तरह हमने दिवाली के निबंध में बतया था की ऊंचे क्लास में जब आप निबंध लिखते हो l तो बहुत ध्यान के लिखना पड़ता है उसके विशेष के बारे में पूर्ण रूप से जानकारी होनी चाहिए ताकि आपका निबंध एक अच्छे ,प्रभावशाली निबंध का पूर्ण रूप से निर्माण कर सके l

हमें पूरा उम्मीद है इस पोस्ट Essay on Holi in Hindi से पढ़के आपको बहुत सहयता मिलेगी l होली का त्यौहार भरत के साथ साथ कई देशो में मान्य जाता है जैसे कनाडा , नेपाल ,बंगलादेश , ऑस्ट्रेलिया,अमेरिका आदि देशो में प्रशिद्ध है इसे सभी वर्गों के मानना पसंद करते है ऐसा मना जाता है प्रकृति भी इस त्यौहार अच्छी रूप से सम्मिलित रहती है रंग बिरंगे फूल बिखरे चारो तरफ और बसंत ऋतू खुशिया लती है

इतिहास होली का :-

होली के त्यौहार का हमारे घर के पूर्व्जनो में भी देखने को मिलता है। इसलिए हमें इस होली के त्यौहार का में प्राचीन और महत्त्वपूर्ण का भी आभास करता है।दोस्तों होली के त्यौहार को मनाने के पीछे एक बहुत महत्वपूर्ण परिपथ होता है।दोस्तों हमारे पूर्व्जनो का कहना यह की जब हिरण्यकश्यप अपना सबसे बड़ा दुश्मन भगवान विष्णु को मानते थे यही करण है हिरण्यकश्यप कहता था अपनी प्रजा से कि वह भगवान विष्णु की पूजा ना करें उसकी पूजा करें। तथा उसकी प्रजा में कुछ उसकी पूजा न करते थे तो वे अपनी प्रजा से व्यवहार कुछ क्रूरता पूर्ण करने लगे थे । इसलिए प्रजा के कुछ लोग भय वश उसकी पूजा करना शुरू कर दिए थे l

कुछ समय बीत गया तो हिरण्यकश्यप के घर एक वंश पैदा हुआ था जिसका नाम वो बहुत कुलशाल भावना प्रह्लाद रख दिया था । ऐसा मना जाता की प्रहलाद बचपन से ही भगवान विष्णु का भक्त कहलाते थे । हिरण्यकश्यप के बेटे प्रह्लाद कभी भी आपने पिता हिरण्यकश्यप को ईश्वर नहीं माने थे।प्रह्लाद के पिता हिरण्यकश्यप ने आपने पुत्र प्रह्लाद को बहुत समझे परन्तु प्रह्लाद नहीं समझे तब उन्होंने आपने पुत्र प्रह्लाद को मारने के लिए बहुत सारे उपाय निकले लेकिन उनके पलए न आया और जो उपाय वो करते है उन उपाय से प्रह्लाद बच जाता था मरता नहीं था तब हिरणाकश्यप ने अपनी बहन होलिका को याद किया जिसे बरम्ह देव का आशीर्वाद था की कोई भी अग्नि उसे जला नहीं सकती तब होलिका ने भक्त प्रह्लाद को अपने साथ अग्नि में जलाने का प्रयास किया भक्त प्रह्लाद ने अग्नि को देखकर श्री हरी की उपासना की तब श्री हरी की कृपा से होलिका जल कर मर गई और भक्त प्रह्लाद बच गए प्रह्लाद की इसी भक्ति की वजह से होलिका मर गई और तभी से होली का त्यौहार मनाया जाने लगा |

होली मनाने की तैयारियां :-

होली मनाने से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है जिसमे गोबर से बने कंडे,लकड़ी इकठ्ठा करते है और शाम में होलिका को जलाया जाता है औरतो द्वारा होलिका का पूजा किया जाता है वे सब लोटे से जल अर्पित करती है फिर घूम क्र परिक्रमा करती है और प्रणाम करती है जब होलिका जलती है तब उसमे से एक लकड़ी जिसे प्रह्लाद मन जाता है उसे निकल लिया जाता है इससे यह प्रमाणित होता है की बुराई पर अच्छाई की जीत सदैव होती है होलिका के समय सभी घूम कर इसकी परिक्रमा करते है और अपने एवं अपने परिवार की खुशाली की कामना करते है |
होलिका दहन के अगले दिन होली का त्यौहार मनाया जाता हैं जिसमे बच्चो को बहुत आनंद आता है छोटे छोटे बच्चे पिचकारी में रंग भरकर एक दूसरे के ऊपर रंग डालते है और अपने से बड़ो का आशीर्वाद लेते हैं और शुभकामनाये देते हैं और बच्चे ही क्या बड़े भी इस होली के त्यौहार को बहुत ही आनंदमई तरीके से मानते है सभी एक दूसरे को रंग लगते है अबीर लगते है और उड़ाते है नाचते है गुब्बारे में रंग भरके एक दूसरे के ऊपर फेकते है और अपने होली के त्यौहार को मानते है और घर की महिलाये भी इसमें भाग लेती है | होली के दिन महिलाय अपने घरो में नए नए प्रकार के पकवान बनती है जैसे मिठाईया, भोजन ,लस्सी छाछ आदि …| और परिवार के सभी लोग एक साथ बैठकर भोजन का आनंद लेते है और शाम में बच्चे -बड़े एक दूसरे को गुलाल लगाकर बधाईया देते है l

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निष्कर्ष :-

होली का त्यौहार हमे बुराई पर अच्छाई की जीत का सबक सिखाती है | औरएक भक्त की भक्ति में शक्ति देखने को मिलता है एक बात सत्य की हमारे जीवन में कोई भी कार्य मिले हमे उसे पूरी निष्ठा से करना चाहिए जैसे भक्त प्रह्लाद को ही ले लो उनकी भक्ति में इतनी शक्ति थी की श्री हरी को स्वेम धरती पर आना पड़ा तो ऐसे ही हमे जीवन में कार्य करना चाहिए क्योकि हम जो भी कार्य सिद्दत से करेंगे उसमे हमे कभी भी निराशा नहीं मिलेगी | होली का त्यौहार खुशियों और उमंग का त्यौहार है इस त्यौहार के जरिये हमे एक दूसरे से मिलने को मिलता है पर है ह्मे इस त्यौहार में कुछ बचावभी करना चाहिए जैसे रंग को बहुत ही ढंग से लगाना चाहिए ताकि आँखों में न लगे और किसी का कोई नुक्सान न हो | होली के त्यौहार बहुत से लोग ड्रिंक करते है जो बहुत ही गलत है ऐसा नहीं करना चाहिए इससे हमारे त्यौहार पर भी बुरा असर पड़ता है और हमारे त्यौहार की बुराई बन जाती है तो इसलिए हमे होली के त्यौहार को एक अच्छे तरिके से मनाना किये जिससे किसी का कुछ नुक्सान न हो |

हमें आशा हे की आज की पोस्ट Essay on Holi in Hindi पसंद आयी हो और साथ ही साथ आपकी समस्या दूर हो गयी होगी , तो अपने दोस्तों में जरूर शेयर करे ताकि उनको भीं ऐसी जानकारी मिल सके l