Essay On Newspaper – Educational Dose

नमस्ते दोस्तों कैसे हैं आप, एक बार फिर से स्वागत आपका Educational Dose के इस नये पोस्ट ( Essay On Newspaper ) में, आज आप पढेंगे की समाचार पत्र किसे कहते हैं ? और कितने प्रकार के समाचार पत्र होते है ? इस पोस्ट ( Essay On Newspaper ) को आप ध्यान से पढिएगा तो चलिए शुरू करते है |

प्रस्तावना

समाचार पत्र हमारी जिंदगी की सभी महत्वपूर्ण चीजों में से एक है यह हमारी आस पास की खबरों के साथ ही साथ देश विदेश की हर जानकारी को प्रदान करता है फिर चाहे वह खेल का क्षेत्र हो या पढाई हो या किसी घटना का क्षेत्र हो । यह हर के क्षेत्र में अपना काम बखूबी निभाता है|

वर्तमान युग से लेकर आज तक हर व्यक्ति पत्र के द्वारा ही देश विदेश में हो रहे परिवर्तन ,घटना ,आदि को पूर्ण रूप से समझ एवं जान पा रहा है | अतः समाचार पत्र भी हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसके बिना हम अधूरे है | समाचार पत्र की एक सबसे ख़ास बात यह भी है कि, वह अपने मूल्य की तुलना में हमे उससे अधिक खबरें एवं जानकारी प्रदान करता है |

यही कारण है कि लोग सुबह –सुबह नई एवं ताज़ा खबरों के साथ–साथ दिन की शुरुआत करते हैं । समाचार पत्र अनेक भाषाओं में उपलब्ध होते हैं , प्रत्येक व्यक्ति अपनी भाषा एवं रुचि के अनुसार इसका चयन करते हैं , परन्तु समाचार पत्र चाहे जो भी हो उसका एक ही उद्देश्य होता है सदैव सही व ज्ञानवर्धक ख़बर देना ।

समाचार पत्र का अर्थ

ऐसे समाचार पत्र जो दुनिया के सभी क्षेत्रों की खबरों को क्रमबद्ध एवं लिपिबद्ध ढंग से प्रस्तुत एवं प्रकाशित करते हैं उसे समाचार पत्र कहा जाता है।
दुनिया में विभिन्न प्रकार की समाचार कंपनियां होती है, भारत जैसे अनेक देश पर राजीय और क्षेत्रीय भाषाओं की बहुलता होती है । यहां पर अनेक न्यूज एजेंसियां मौजूद होती हैं । जब प्रिंटिंग प्रेस की संख्या बढ़ती गई तो वैसे –वैसे समाचार पत्र की भी परिभाषा बदलती गई , जिसके दौरान हर देश में सूचनाओं के प्रचार प्रसार के लिए एक ख़ास मंत्रालय बनाया जाता है |

Essay On Newspaper

समाचार पत्र क्या है ?

समाचार पत्र हमें सभी प्रकार की दैनिक जानकारी प्रदान करने की एक महत्वपूर्ण शाखा है जिसके द्वारा संपूर्ण संसार में हो रही प्रमुख घटनाओं का संग्रह होता है देश के सभी प्रमुख समाचार पत्र का लिखित पत्र जिससे बाजार में प्रयोग किया जाता है।

इसे समाचार पत्रिका या अखबार भी कहते हैं प्रत्येक खबर को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से स्थानांतरण करना ,समाचार पत्र सदैव हमें इस संसार की रुचि पूर्ण वस्तुओं आदि की ओर आकर्षित करता है। एक प्रकार से यह हमारे भविष्य सुधारक का भी कार्य करता है यह हमें संस्कृति, परंपराओं ,कलाओं ,पारस्परिक नृत्य आदि के बारे में जानकारी देता है।

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समाचार पत्र की शुरुआत

  • समाचार पत्र की शुरुआत सबसे पहले इटली के बेसिन नामक जगह से 16 वीं शताब्दी में हुई ।इसके बाद समाचार पत्र विख्यात होते गए और देश के हर कोने कोने में इसकी सराहना की जाने लगी इसका प्रचार-प्रसार अधिक होने के कारण इसकी प्रसिद्धि बढ़ गई एवं या हर देशों में अपनाया जाने लगा ।
  • अख़बार की असली प्रसिद्धि तभी हुई जब इसे 17वीं शताब्दी के प्रारंभ में इंग्लैंड में अपनाया गया ।भारत देश में समाचार पत्र (अखबार )का आगमन सबसे पहले अंग्रेजों के शासनकाल में हुआ था ।
  • हमारे भारत देश का सबसे पहला समाचार पत्र कोलकाता में 1780 ईस्वी में ‘बंगाल गैजेट ’के नाम से प्रकाशित हुआ इस समाचार पत्र का संपादन ‘जेम्स हिक्की’ के द्वारा किया गया था।
  • समाचार पत्र के आगमन से पहले और देशों की तरह भारत में भी समाचार पत्र के नाम की कोई वस्तु नहीं थी ।

समाचार पत्र के उपयोग

वर्तमान समय में समाचार पत्रों में केवल खबरों का विवरण प्रकाशित होता था हालांकि अब इसमें बहुत से विषयों के बारे में और विशेषज्ञों के बारे में विचार विमर्श है ।यहां तक कि सभी विषयों की जानकारी भी इंगित होती है ।

विभिन्न प्रकार के समाचार पत्र की कीमत उनकी खबरों के विवरण की आदि प्रकार से भिन्न भिन्न होती है ।समाचार पत्र सभी प्रकार की घटनाएं नियमित रूप से छापती है हालांकि उनमें से कुछ सप्ताह में दो बार या एक बार या महीने में एक बार ही प्रकाशित होते हैं।

पुराने समय में समाचार पत्र का कार्य मात्र सभी घटनाओं को हमारे समक्ष प्रस्तुत करना होता था किंतु आज के युग में समाचार पत्र तो हर विषय की जानकारी जीने की राह तथा हमारे लिए उपयोगी सामग्री का विज्ञापन भी देता हैं ।

समाचार पत्र के प्रकार

यदि हम समाचार पत्र के प्रकार की बात करें तो यह अनेक प्रकार के होते हैं इसका विभाजन इसके प्रकाशित होने की अवधि से निर्धारित होता है कुछ ऐसे समाचार पत्र जो प्रत्येक दिन प्रकाशित होते हैं तो कुछ सप्ताह में या फिर कुछ तो महीने में प्रकाशित होते हैं कुछ ऐसे भी समाचार पत्र होते हैं जो हफ्ते में दो बार भी प्रकाशित होते हैं समाचार पत्र के कई प्रकार है,

जैसे–

साप्ताहिक समाचार पत्र (हफ्ते में एक बार प्रकाशित होने वाला)।

अर्धमासिक समाचार पत्र ( महीने में दो बार प्रकाशित होने वाला )।

मासिक समाचार पत्र (महीने में सिर्फ एक बार प्रकाशित होने वाला)। आज विभिन्न प्रकार के समाचार पत्र होते है।

इन सभी के अलावा मैगजीन भी समाचार पत्रों का ही एक प्रकार होता है परंतु मैगजीन किसी एक क्षेत्र से संबंधित होता है
समाचार पत्र की भाषा: –प्रत्येक व्यक्ति समाचार पत्र को किसी भी भाषा की जानकारी से पड़ सकता है क्योंकि यह हर प्रकार की भाषा में प्रकाशित होती है या अनेक भाषाओं में उपलब्ध होती है प्रत्येक व्यक्ति इसे अपनी भाषा एवं स्वेच्छा से चयन कर सकता है।

समाचार पत्र की आवश्यकता

आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है समाचार पत्र का जन्म की आवश्यकता का परिणाम है ।
प्रत्येक मानव एक जिज्ञासु प्राणी है। मनुष्य की याद जिज्ञासु वृत्ति को शांत करने के लिए समाचार पत्रों का आविष्कार हुआ विज्ञान ने अपने चमत्कार एवं प्रकाशन से संसार को एक परिवार में बदल दिया ।

अतः यह बात आवश्यक है कि प्रत्येक मनुष्य देश विदेश के सभी समाचारों से परिचित रहे समाचार पत्र पूर्ण रूप से इस आवश्यकता को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

समाचार पत्र के नाम

  • हिंदुस्तान (समाचार पत्र)
  • मिशन जय हिंद
  • चौथी दुनिया
  • नई दुनिया
  • नवभारत टाइम्स
  • प्रभात खबर

समाचार पत्र के लाभ

प्रत्येक दिन समाचार पत्र पढ़ने से विभिन्न लाभ हो यह ना सिर्फ हमें देश विदेश की घटनाओं का वर्णन देते हैं बल्कि आपको एक सजग व्यक्ति भी बनाते हैं । समाचार पत्र की खबरें हमें जागरूक भी करती हैं यह हमें सभी क्षेत्रों में हो रहे घटनाओं की संपूर्ण जानकारी प्रदान करती है। इसके द्वारा हमें हर क्षेत्र में ज्ञान अर्जित कर लेते हैं।

प्रत्येक व्यक्ति अपनी रूचि के अनुसार अखबार पढ़ना पसंद करते हैं जैसे व्यापारी वर्ग के लोग मुख्यता समाचार पत्र में व्यापार से संबंधित खबरें देखते हैं ताकि बाजार में हो रही गतिविधियों को देख सके इस प्रकार प्रत्येक बेरोजगार व्यक्ति रोजगार वा अपने नौकरी के लिए स्वर्णिम अवसर देख सके ।

समाचार पत्र से हानि

समाचार पत्र के लाभ के साथ-साथ उसके गलत प्रयोग से हानि भी होती है । समाचार पत्र का मूल उद्देश्य मानव कल्याण है । किंतु जब हम अपने स्वार्थ वस इस उद्देश्य को भूलकर इसके द्वारा अपने अनेक उद्देश्य को पूरा करने लगते हैं तो इससे लाभ के स्थान पर हानि होने लगती है। हमे समाचार पत्र का अध्ययन अपने विचारों एवं ज्ञान वर्धन के लिए करना चाहिए ।

दुनिया में विभिन्न समाचार पत्र का आगमन

  • दुनिया का पहला समाचार पत्र 59 ई.पू. ( द रोमन एक्टा डिउरना ) को माना जाता है ।
  • चीन ने आठवीं शताब्दी में हस्तलिखित समाचार पत्र का प्रयोग किया ।
  • भारत का पहला हिंदी समाचार पत्र ‘ उंदत मार्तण्ड’ था ।
  • भारत में अंग्रेजों द्वारा प्रकाशित किया गया पहला अंग्रेजी समाचार पत्र ‘बंगाल गजट ’था।
  • समाचार पत्र लोगों को उनके विचारों एवं अधिकारों से पराचित कराते थे ।

उपसंहार

प्रत्येक दिन समाचार पत्रों के अध्ययन से हमारे ज्ञान में वृद्धि होती है । यह प्रत्येक व्यक्ति के समझने और अध्ययन करने की क्षमता को बढ़ावा देता है समाचार पत्र हमें अलग-अलग क्षेत्रों की घटनाओं का विवरण प्रस्तुत करता है ।

समाचार पत्र प्रत्येक उम्र के लिए होती है फिर चाहे वह बाल्यावस्था हो या युवावस्था या फिर वृद्धा या प्रौढ़ावस्था समाचार पत्र प्रत्येक अवस्था के लिए आवश्यक होता है समाचार पत्र का अध्ययन प्रत्येक दिन करने से हमें देश दुनिया की संपूर्ण जानकारी प्राप्त किया |

मुझे आशा है दोस्तों की आप को आज का ये पोस्ट (Essay On Newspaper ) पसंद आया होगा | यदि आपको मेरा यह पोस्ट( Essay On Newspaper ) अच्छा लगा है, और इससे आपको कुछ जानने को मिला है, और लगता है यह जानकारी अन्य लोगो को भी मिलनी चाहिये तो इसे आप Social Media पर जरूर Share कीजिये जिससे इसकी जानकारी और भी लोगो को मिले और वो भी जाने Newspaper के बारे में….


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