Fundamental Rights in Hindi – Education dose

नमस्कार दोस्तों आज की पोस्ट में Fundamental Rights in Hindi को लाये है दोस्तों Fundamental Rights अक्सर
आपके एग्जाम में पूछता है इसलिए इस समस्या को दूर करने के लिए इस पोस्ट लिखा गया l

Fundamental rights in Hindi :-

संविधान में मूल सात मौलिक अधिकार होते थे ,परन्तु जब 44वें संविधान के संशोधन के दौरा सपंति का अधिकार हटा कर के मौलिक अधिकार सूची से इसे संविधान के अनुच्छेद (a) 300 के अंदर क़ानूनी अधिकार के रूप में रखा जाता था l
भारत के मौलिक अधिकारों से जुड़े नागरिको के तथ्य कुछ इस प्रकार होते है

मौलिक अधिकारों का अर्थ :-

मौलिक अधिकार ऐसे अधिकारों को कहा जाता है जो व्यक्ति मौलिक होने के कारण संविधान द्वारा नागरिकों के जीवन के लिये प्रदान किये जाते हो तथा जिनमें हस्तक्षेप राज्य द्वार नही किया जाता हो । ये कुछ ऐसे अधिकार होते हैं जो व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास के लिये के पूर्ण रूप से आवश्यक होते हो और जिनके बिना अपना पूर्ण विकास मनुष्य नही कर पता है । ऐसे अधिकार को कई करणों से मौलिक अधिकार हैं:-


1 . ऐसे अधिकारों को इसलिये मौलिक कहा जाता है क्योंकि ये अक्सर देश के स्थान में संविधान से दिये गये होते है , तथा संशोधन की प्रक्रिया संविधान के अतिरिक्त उनमें संशोधन किसी प्रकार का नही किया जा सकता।
2.ये अधिकार व्यक्ति के मूल रूप में प्रत्येक पक्ष के विकास हेतु आवश्यक होता हैं, इनके व्यक्तित्व का विकास व्यक्ति अभाव के अवरुद्द हो जाता है ।
3.उल्लंघन इन अधिकारों का नही किया जा सकता।
4.न्याय योग्य मौलिक अधिकार होता हैं तथा प्रत्येक व्यक्ति को समाज में समान रूप से प्राप्त होता है।

मौलिक अधिकारों व साधारण कानूनी अधिकारों में अंतर:-

० मौलिक अधिकारों में परिवर्तन करने के लिये संविधान में परिवर्तन आवश्यक होता हैं।परंतु साधारण कानूनी अधिकारों में विधानमंडल द्वारा परिवर्तन किये जाता है
० देश के संविधान द्वारा मौलिक अधिकारों को लागू किया जाता है और सुरक्षित संविधान द्वारा ही किया जाता है। जबकि राज्य द्वारा साधारण कानूनी अधिकारों को लागू किया जाता है साथ ही साथ उनकी रक्षा भी की जाती है l

संविधान में भारतीय नागरिकों के मौलिक अधिकारों का वर्णन अनुच्छेद 12 से 35 संविधान के तीसरे भाग में तक किया जाता है। ऐसे अधिकारों में अधिकार के सामान्य रूप से अनुच्छेद 12, 13, 33, 34 तथा 35 क संबंध होता है। किन्तु
ऐसे संपति के अधिकार को संशोधन के अनुसार सामान्य कानूनी अधिकार बना दिया जाता है। संविधान में दिये गये 44 वें संशोधन के पास होने के पूर्व रूप से मौलिक अधिकारों को सात श्रेणियों में बांटा गया था छ्ह मौलिक अधिकार से भारतीय नागरिकों को प्राप्त होता है
1.समानता का अधिकार:-
:समानता का अनुच्छेद 14 से 18 तक होता है ।
2.स्वतंत्रता का अधिकार
: स्वतंत्रता का अधिकार अनुच्छेद 19 से 22 तक होता है ।
3.शोषण के विरुध अधिकार
: शोषण के विरुध अधिकार अनुच्छेद 23 से 24 तक होता है ।
4.धार्मिक स्वतंत्रता क अधिकार
: धार्मिक स्वतंत्रता क अधिकार अनुच्छेद 25 से 28 तक होता है ।
5.सांस्कृतिक तथा शिक्षा सम्बंधित अधिकार
: सांस्कृतिक तथा शिक्षा सम्बंधित अधिकार अनुच्छेद 29 से 30 तक होता ।
6.संवैधानिक उपचारों का अधिकार
:संवैधानिक उपचारों का अधिकार अनुच्छेद 32 तक होता है l

एक दृष्टि में मूल अधिकार
साधारण मूल अधिकार
(परिभाषा) अनुच्छेद 12
(मूल अधिकारों अल्पीकरण करने वाली विधियां यां मूल अधिकारों से असंगत ।)अनुच्छेद 13

दोस्तों हमें उम्मीद है की हमरी इस पोस्ट Fundamental Rights in Hindi से आपको सविधान के सारे मौलिक अधिकरों की जानकारी मिल गयी होगी तथा दोस्तों में शेयर करे l

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