Hindi Varnamala – Educational Dose

दोस्तों आज के इस पोस्ट Hindi Varnamala में हमने हिंदी वर्णमाला को कवर किया है इससे आसानी से आप अपने doubts को क्लियर कर सकते हैं।

हेलो दोस्तों आज हम आप सब के लिए बहुत छोटे शब्द लाये है परन्तु शब्द तो छोटा के लेकिन काम बहुत बड़ा करता है दोस्तों यह शब्द आप बचपन से पढ़ते हो परन्तु पूर्ण रूप से जान नहीं पाते है लेकिन हम आपको हमारी वेबसाइट के अनुसार बहुत आसान तरीके से बातये गए और साथ – साथ समझये गे ! दोस्तों बात करते उस शब्द का जिसकी हम बात कर रहे है ! वह शब्द Hindi Varnamala (हिंदी वर्णमाला) है! दोस्तों आप हमको लगता आप इस शब्द को जानकर इसके बारे में जानना चाहेंगे !

Hindi Varnamala क्या हैं ?

साथियो हम बात करते हैं Hindi Varnamala क्या हैं तो दोस्तों वर्ण भाषा की वह सबसे छोटी इकाई हैं या कह सकते है सबसे छोटी ध्वनि होती है जिसके टुकड़ो न किये जा सके उसे वर्ण कहते है Hindi Varnamala हिंदी के वर्ण यानी हिंदी ऐल्फाबेट के समूह या वर्ण को व्यवस्थित करने को कहा जाता हैं या आप कह सकते हो व्यवस्थित करने के तरीके को भी कहा जाता हैं !
उदाहरण के लिए आप कह सकते हो : – अ, आ, इ, ई, उ…….ह को हम देवनागरी वर्णमाला कहा जाता हैं !

उच्चारण और लेखन की दृष्टि से :-

Hindi varnmala को लेखन के आधार पर 13 स्वर , व्यंजन 35 और 4 संयुक्त व्यंजन होते है !
Hindi varnmala को Hindi Alphabet में उच्चारण

Type of Hindi varnmala

उच्चारण और लेखन के आधार पर वर्णमाला को दो भागो में बांटा गया है
वर्णमाला
स्वर व्यंजन
हास्य स्वर :- अ, इ, उ, ऋ मूल स्वर :- अ, इ,उ, ऋ
दीर्घ स्वर :- आ, ई, ऊ,ए, ऐ प्लुत स्वर :- हे राम ! ओम ;
ओ, औ
आगत स्वर :- ऑ ?
परंपरागत स्वर :- अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ

स्वर की परिभाषा :-

जिन वर्णो का उच्चारण बिना किसी अवरोध के तथा बिना किसी दूसरे वर्ण की सहायता से होता है उसे स्वर कहते है !
उच्चारण के आधार पर
आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ
लेखन के आधार पर
अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ, अ, ऋ आदि

स्वर के प्रकार (type of vowel ):-

दोस्तों हम कह सकते की हिंदी व्याकरण की दृष्टि से स्वर तीन प्रकार का होता है ! जिनको उच्चारण के आधार पर लगने के करण समय के आधार में बाटा गया है जोकि इस प्रकार है !
हास्य स्वर :-ऐसे स्वर जिनके उच्चारण में काम टाइम लगता हो उनको हास्य स्वर कहते है !
जैसे :- अ , इ , उ , आदि
दीर्घ स्वर :-ऐसे स्वर जिनके उच्चारण में ज्यादा टाइम लगता हो या कह सकते है की हास्य स्वर से अधिक टाइम लगने वाले स्वर को दीर्घ स्वर कहते है !
जैसे :- आ, ई , ऊ आदि
प्लुत स्वर :- ऐसे स्वर जिनके उच्चारण में सबसे काम टाइम लगता हो या कह सकते हैं हास्य स्वर और दीर्घ स्वर से काम समय लगत हो उसे प्लुत स्वर कहते हैं।

व्यंजन की परिभाषा :

ऐसे वर्ण जिनके उच्चारण में स्वर का बहुत इस्तेमाल होता हो या कह सकते हैं, वह वर्ण जो स्वर की मदद से प्रयोग किए जाते है उन्हें व्यंजन कहते हैं । यही कारण हर व्यंजन में बोलने के लिए अ, का प्रयोग किया जाते हैं, हिंदी वर्णमाला में उच्चारण और लेखन के आधार पर 35 व्यंजन होते हैं, जो इस प्रकार है
क ,ख ,ग ,घ ,ङ
च ,छ ,ज ,झ ,ञ
ट , ठ , ड , ढ , ण
त , थ , द , ध , न
प , फ , ब , भ , म
य , र , ल , व्
श , ष , स , ह

व्यंजन के प्रकार :-

स्पर्श व्यंजन :- ऐसे व्यंजन जिनका उच्चारण करते समय जीभ और मुँह के किसी भी भाग को छुआ जाय उसे स्पर्श व्यंजन कहते हैं ।और व्यंजन के से म तक होते हैं और जिनमे पांच वर्ग के अक्षर होते हैं जो की इस प्रकार हैं –
कवर्ग : क , ख , ग , घ , ङ
चवर्ग : च , छ , ज , झ , ञ
टवर्ग : ट , ठ , ड , ढ , ण
तवर्ग : त , थ , द , ध , न
पवर्ग : प , फ , ब , भ , म
अंतः स्थ व्यंजन
यह व्यंजन चार होते है-य , र , ल , व्
उष्म व्यंजन:- जो उच्चारण बोलते समय उष्मा पैदा करते हैं या कह सकते हैं की मुँह से बोलने पे गर्म हवा निकालती हो उसे उष्म व्यंजन कहते हैं । यह व्यंजन 4 होते हैं श , ष, स, ह


संयुक्त व्यंजन क्या है:-

ऐसे व्यंजन जो दो या दो से ज्यादा व्यंजन बनाते है उसे संयुक्त व्यंजन कहते हैं । यह 4 प्रकार के होते हैं जो इस प्रकार हैं – क्ष , त्र , ज्ञ , श्र
क् + ष + अ = क्ष
त् + र् + अ = त्र
ज् + ञ + अ = ज्ञ
श् + र् + अ = श्र

उम्मीद करता हूँ आपको Hindi Varnamala पोस्ट अच्छा लगा होगा इसे अपने दोस्तों को शेयर करना न भूलें

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