Indian Woman Essay In Hindi

नमस्ते दोस्तों कैसे हैं आप सब, एक बार फिर से स्वागत आप सबका Educational Dose के इस नये पोस्ट ( Indian Woman Essay In Hindi ) में , आज हम भारतीय नारी के बारे में पढेंगे क्योकि हमारे इस दुनिया में नारी का दर्जा बहुत ही ऊँचा माना गया है |तो दोस्तों हमारे इस पोस्ट ( Indian Woman Essay In Hindi ) को आप सब ध्यान से पढिएगा तो चलिए शुरू करते है |

प्रस्तावना :-

हमारे समाज में नारी को बहुत सम्मान दिया जाता है और नारी को एक विशेष स्थान भी दिया गया है | नारी का उच्च स्थान माँ के रूप में भी मिलता है |किसी भी समाज या एक सुव्वास्थित घर को पूरा करने में नारी का बहुत बड़ा योगदान होता है |पहले की नारी और आज इस समय की नारी में बहुत अन्तर है लेकिन पहले भी नारी का स्थान उच्च था और आज भी है जैसे जैसे समय बदलाता जा रहा है वैसे वैसे नारी का स्थान बढ़ता जा रहा है आज के इस दौर में नारी पुरुष से भी आगे है|

और हमारी भारतीय नारी पुरुष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती है समाज में अब तक जो भी प्रसिद्ध नारी है सब अपनी ही मेनहत के कारण है इसी के अपेछा हमारे समाज में नारी का स्थान प्रथम माना गया है | हमारी भारतीय नारी एक गृहिणी के रूप में ही नहीं बल्कि हर क्षेत्र में आगे है| भारतीय नारी हर कार्य के प्रति ईमानदार रहती है फिर चाहे वो घर का कार्य हो या समाज का, वो हर कार्य में पूर्ण रूप से सक्षम होती है |

“” क्यों कहती है दुनिया कि नारी कमजोर हैं ,

आज भी नारी के हाथो में घर चलाने की डोर हैं “”

उपसंहार :-

भारत के प्राचीन दौर में जो विदेशी आक्रमणो के कारण नारी का अस्तित्व बहुत कम हो गया था लेकिन समय के अनुसार आज की भारतीय नारी का अस्तित्व बहुत ऊँचा हो गया है | हमारे देश में नारी को देवी की तरह पूजा जाता हैं |हमारे देश में हर पूजा या शुभ कार्य में नारी का होना आवश्यक माना गया है |हमारी भारतीय नारी की वेशभूषा हर राज्यों में अलग-अलग है कहीं साडी तो कहीं सूट और हर जगह भिन्न भिन्न प्रकार की वस्त्र पहनती है किन्तु हर शुभ कार्य में वो सिर्फ साड़ी ही पहनती है हमारे समाज में नारी के कई रूप है जैसे -बेटी, बहन, पत्नी, बहु, माँ, सास, दादी, नानी ….आदि |

हमारी भारतीय नारी अपने सभी रूपों में सर्वगुण संपन्न है| आज भी नारी का कई जगह पर शोषण हो रहा है जो बिल्कुल नहीं होना चाहिये | भारतीय नारी सम्मानजनक पात्र है फिर भी कई जगहों पर आज भी नारी को दासी बना के लोग रखते है और उन्हें घर के चारदीवारों में रखना ही अपना सम्मान समझते है और उन्हें लगता है की नारी बस घर में ही सुरक्षित है लेकिन ऐसा नहीं है जो काम नारी कर सकती है वो पुरुष नहीं कर सकते है और नारी के अंदर जितनी सहनशीलता और ममता होती है उतना पुरुष के अंदर नहीं होता है लेकिन हमारी भारतीय नारी उन्हें कभी व्यक्त नहीं करती है |

कही कही तो शिक्षा का अधिकार भी नारी को नहीं मिल पाता है और पुरुष के किसी भी काम में हस्तक्षेप करना उनके लिए अपराध माना जाता हैं मध्यकल मे हमारे समाज में अनेक प्रकार की कुप्रथाये फैलनी शुरू हो गई थी की बेटी को जन्म न दे बेटा वश आगे बढ़ायेगा अन्य कई प्रकार की प्रथाये फ़ैल गई थी और इसी कारण से नारी का महत्व धीरे धीरे घटना शुरू हो गया था | मध्यकाल से ही नारी जाती का इतना पतन हुआ है की वह अपने आप को ही भूल ही गई थी | समाज में उसका भी एक सम्मान है यह भी ध्यान न रहा |

आज के भारतीय नारी की विशेषता :-

वर्तमान समय में हमारे देश की नारी काफी आगे निकल चुकी हैं जैसे सनिया मिर्जा, हमारी पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, कल्पना चावला, किरण बेदी, स्मृति ईरानी …..आदि बहुत से ऐसे अनगिनत नाम है | नारी के हित मे प्रसिद्ध राजा राम मोहन राय के द्वारा समाज में चल रहे सती प्रथा को समाप्त कर दिया गया और उसके बाद उन्हें शिक्षा का अधिकार मिला |

हर वह क्षेत्र जिसमें सिर्फ पुरुष जाति है उसमे अब नारी भी भाग ले सकती है | आज के समय की नारी शिक्षा, खेलकूद ,शिक्षक, सरकारी नौकरी आज वो हर क्षेत्र में आगे है इस समय में पुरुषों और नारी में कोई अंतर नहीं है अगर पुरुष शिव है तो नारी शक्ति है इसके अलावा समाज में नारी जाति को सम्मान और ऊँचा दर्जा दिलाने के लिए सरोजिनी नायडू जैसे और भी सम्मानित महिलाओ ने आगे बढ़कर नारी जाति का मार्ग दर्शन किया है |

निष्कर्ष :-

इस बात का उल्लेख होता है की नारी किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं है और इस समय में भारत के स्त्री समाज में तेजी से जागरूकता बढ़ रही है जब से नारी का महत्व समाज को समझ आया तब से पुरुषों ने भी नारी के महत्व को समझना शुरू कर दिया है अपने इस छवि के कारण वह यह सिद्ध कर दी है की भारत की नारी किसी से विद्या बुद्धि सौंदर्य और वीरता में कम नहीं है वह दिन दूर नहीं जब भारत में नर और नारी दोनों समान रूप से उन्नति के पथ पर साथ साथ चलेंगे नारी अब किसी का अत्याचार नहीं सहेगी |

जीवन को अपने हाथों से साकार कर नारी अपनी भारतीय संस्कृति के साथ आगे बढ़ रही है नारी का अस्तित्व ही सुन्दर जीवन का आधार है और नारी अपने बुलंद हौसलों से नारी ऊँची उडान भर रही है |

“”नारी को न समझो बेकार,

नारी ही जीवन का आधार “”


मुझे आशा है दोस्तों की आप सब को आज का ये पोस्ट ( Indian Woman Essay In Hindi )पसंद आया होगा | यदि आपको मेरा यह पोस्ट( Indian Woman Essay In Hindi ) अच्छा लगा है और इससे आपको कुछ जानने को मिला है और लगता है यह जानकारी अन्य लोगो को मिलनी चाहिये तो इसे आप Social Media पर जरूर Share कीजिये जिससे इसकी जानकारी और भी लोगो को मिले और वो भी जान सके समय के महत्व के बारे में….


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