Mera Parivar Essay In Hindi – Educational Dose

नमस्ते दोस्तों कैसे हैं आप,एक बार फिर से स्वागत आपका Educational Dose के इस नये पोस्ट ( Mera Parivar Essay In Hindi ) में , आज आप पढेंगे की परिवार शब्द का मायने क्या है ? और परिवार का महत्व क्या होता है ? इस पोस्ट ( Mera Parivar Essay In Hindi ) को आप ध्यान से पढिएगा तो चलिए शुरू करते है |

Mera Parivar Essay In Hindi

एक ही छत के नीचें कई सारे लोगो का समूह निवास करता है और उनके बीच खून का सम्बन्ध होता है उसे परिवार कहते हैं | इसके अलावा शादी का तथा गोंद लेने पर भी यह परिवार में ही शामिल होते है | संयुक्त तथा मूल यह परिवार के दो स्वरुप हैं जहाँ दम्पत्ति के साथ उनके बच्चे निवास करते है उसे मूल परिवार या एकल परिवार कहते है | ठीक इसके विपरीत जहाँ एक पीढ़ी से अधिक लोग निवास करते हैं जैसे दादा – दादी, चाचा – चाची आदि उस परिवार को बड़ा परिवार या संयुक्त परिवार कहते हैं |

संयुक्त परिवार का छोटा होता स्वरुप

आज के इस भाग -दौड़ भरे जीवन में बडा / संयुक्त परिवार बहुत ही कम देखने को मिल रहा है | आज कल हमारे समाज में मूल/ छोटा परिवार ही देखने को मिलता हैं | जिसमे अपने बच्चो के साथ दंपत्ति निवास करता हैं |

इस भाग दौड़ भरे जीवन में जहाँ संयुक्त परिवार अलग होकर मूल परिवार में परिवर्तित होते जा रहे है वही पर मूल परिवार का आकार भी अब छोटा होता जा रहा हैं | जिसमे स्त्री व पुरुष अपने कार्य के सिलसिले में अलग-अलग जगह पर रहने लगे हैं और बच्चे भी पढाई या अन्य किसी कारणों से अपने परिवार से दूर निवास करने लगे हैं | यह कहना बिलकुल भी अनुचित नहीं होगा की अब हर व्यक्ति के रूप में विभक्त होता जा रहा है |

घर सबसे सुरक्षित स्थान तथा परिवार एक पाठशाला

जैसा की आप सभी जानते है की इंसान के रहने के लिए घर को ही सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है उसी तरह इंसान की चिंता, देखभाल उसकी जरुरतो की पूर्ति उसके परिवार से बेहतर कोई और नहीं कर सकता है | इंसान के सही व्यक्तित्व का निर्माण परिवार के द्वारा ही संभव हो सकता है |

जिस तरह एक इंसान की पहली शिक्षक माँ को ही माना गया हैं उसी तरह उस इंसान का पहला पाठशाला उसका परिवार हैं | मेरे परिवार में मेरे बड़े मेरे दादा या दादी जी भले ही मुझे रोज कहानियाँ नहीं सुनाते है पर वह अपने समय की बाते हमेशा बताते रहते हैं जिसे सुनना बहुत ही आनंद की बात है जिसे सुनने के बाद हमे जीवन को सही तरीके से जीने का रास्ता मिलता हैं और प्रेरणा मिलता हैं |

मनुष्य के जीवन में परिवार के स्नेह का महत्व

यह बहुत ही आवश्यक है की, परिवार में बड़े हो रहे बच्चो को प्यार व स्नेह दिया जाए तथा उनका सही तरीके से देखभाल भी किया जाए, क्योंकि समाज में बढ़ते अपराधो में ज्यादातर अपराधी छोटे व कम उम्र के है और उन्होंने यह अपराध पहली बार किया होता है | इंसान के साथ उसके परिवार का व्यवहार सही न होने ही वजह से इंसान का बौद्धिक विकास सही से नहीं हो पा रहा है तथा वह मानसिक रूप से कमजोर होता जा रहा है और कई यातनाओ को बर्दास्त करता है |

हम अपने परिवार के साथ अपना भाव प्रकट करते है किन्तु हमारा परिवार जब हमारे साथ सही व्यवहार नहीं करता तो हमारे जीवन में कई सारे विकार उत्पन्न हो जाते है जो इंसान को गलत रस्ते पर ले जाता है और इंसान अपराध कर बैठता है | इसलिए परिवार का यह कर्तव्य है की वह अपने बच्चो को सही तरीके से स्नेह व प्यार दे |

मनुष्य पर परिवार के नेतृत्व का समाज पर प्रभाव

ऐसे बहुत सारे केस समाज के सामने आए हैं, जिसका शोध करने पर मिला है की अपराधी का पारिवारिक जीवन सही नहीं है, उसके परिवार में तनाव पाया गया हैं | बचपन से अपने परिवार में अशांति को देखते हुए बच्चे के मन-मस्तिष्क में कई सारी उलझने बनी रहती है जो आगे चलकर समाज तथा परिवार के लिए बहुत ही अफ़सोस का सबब बनता है |

सिर्फ बच्चों को बड़ा कर देने से जिम्मेदारी पूरी नहीं होती है बल्कि उसके लिए परिवार का सही वातावरण होना बहुत जरुरी है |
इसके विपरीत इस समाज में अनेको ऐसे उदाहरण मिल जायेंगे जिसका परिवार अपना पेट पालने के लिए और दो वक्त की रोटी के लिए बहुत ही ज्यादा परिश्रम करता था पर उस परिवार में पले बच्चे बड़े होकर आज समाज के बड़े पदों पर आसीन हैं और समाज को और अच्छे तरीके से विकास की और बढ़ा रहे है |

यह पूरा संसार हमारा परिवार है

किसी भी विकासशील देश के निर्माण में परिवार की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण होती हैं | और परिवार के विकसित होने से देश विकास की सीढियों को चढ़ता है |

एक विकसित परिवार से राष्ट्र का निर्माण होता है और राष्ट्रों से एक सुंदर विश्व का निर्माण होता है इसलिए कहा जाता है वसुधैव कटुम्बकम् अर्थात यह पूरा संसार हमारा परिवार है | और प्राचीन भारत में इसका अत्यधिक महत्व था जो अब समय के साथ खत्म होता जा रहा है | इसका एक कारण यह भी है की संयुक्त परिवार का मूल परिवार में बदलना |

सुरक्षा कवच के रूप में परिवार

एक परिवार ही है जो इंसान को हर तरह की बुराइयों और खतरों से सुरक्षा प्रदान करता हैं | अर्थात मनुष्य परिवार में सभी मुसीबतों से सुरक्षित होता हैं | साथ ही मनुष्य का मानसिक ,शारीरिक एवं बौद्धिक विकास परिवार की ही देन होता है | परिवार ही है जो मनुष्य के लिए एक खुशहाल तथा सुरक्षित वातावरण का निर्माण करता हैं |

और सारी इच्छाये- जरूरते परिवार के माध्यम से ही पूरी होती हैं | मनुष्य अपने जिम्मेदारियों को पूरा करने से समाज का भी एक जिम्मेदार नागरिक बन जाता हैं | परिवार के सारे लोग किसी भी मुसीबत के समय एक जुट होकर उस मुसीबत का सामना करते हैं और यही मनुष्य के लिए उसके परिवार का सुरक्षा कवच होता हैं |

निष्कर्ष

हर इंसान के लिए उसका परिवार उसका संसार होता हैं | उसी परिवार से वह आचरण, नैतिकता, सुविचार, अनुसाशन, संस्कार, संस्कृति व इसी प्रकार से वह अपने जीने का तरीका सीखता हैं | अपने जीवन काल में इंसान जो भी कुछ सीखता है |उसका श्रेय उसके परिवार को ही जाता हैं और इसी प्रकार से परिवार देश के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है|

मुझे आशा है दोस्तों की आप को आज का ये पोस्ट ( Mera Parivar Essay In Hindi ) पसंद आया होगा | यदि आपको मेरा यह पोस्ट( Mera Parivar Essay In Hindi ) अच्छा लगा है और इससे आपको कुछ जानने को मिला है और लगता है यह जानकारी अन्य लोगो को भी मिलनी चाहिये तो इसे आप Social Media पर जरूर Share कीजिये जिससे इसकी जानकारी और भी लोगो को मिले और वो भी जान सके परिवार के महत्व के बारे में….


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