Unemployment Essay In Hindi

HELLO दोस्तों कैसे हो आप सब ,ठीक ही होंगे आज मै कुछ ख़ास टॉपिक लाया हूँ आप सभी के लिए Unemployment Essay In Hindi इस टॉपिक में आप सब को बेजरोजगारी के बारे में बताया गया है की कैसे हमारे देश में बेरोजगारी बढती जा रही है | और इस बेरोजगारी से कैसे बचे ,क्या-क्या बचाव है इससे बचने के लिए कैसे हम खुद को आत्मनिर्भेर बना सकते है ,कैसे छोटे-छोटे व्यसायो को करके बेरोजगारी को दूर कर सकते है उम्मीद है इस पोस्ट Unemployment Essay In Hindi को पढ़कर आपको नै चेतना एवं नई उम्मीद मिलेगी जिससे आप सब आप सब अपना जीवनयापन कर सकेंगे |

बेरोजगारी पर निबंध:-

“घर की दीवार भी अब टूट कर मुँह चिढ़ा रही,
बेरोज़गारी के जश्न में सबको शरीक होना था|”

आज हमारे देश में लगभग हर व्यक्ति शिक्षित है किन्तु जिस तरह से शिक्षा का विकास तेजी से हो रहा है उसी के साथ साथ बेरोजगारी भी बढती जा रही है| आज हमारे देश का सबसे बड़ा संकट बेरोजगारी है, जिससे हमारे देश में बेरोजगार लोगो की संख्या बढती जा रही है , क्योंकि व्यक्ति शिक्षित तो है मगर बेरोजगार है और जेब खाली है जिसके चलते आज के युवा गलत संगत में पडकर गलत राश्तें पर जा रहा है | अब इस संकट से निकलने के लिए हमारी सरकार को कुछ सख्त कदम उठाने चाहिये |

प्रस्तावना –

बेरोजगारी भारतीय युवावर्ग के तन और मन में लगा हुआ एक घुन है जो निरंतर उसकी क्षमता,आस्था और धैर्य को खोखला कर रहा है |प्रतिवर्ष लाखो की संख्या में बढ़तेइ बेरोजगारों का समूह देश की अर्थव्यवस्था के दिवालियापन और देश की सरकारों के झूठे वादों की करुण कहानी है| सुच तो यह है की” मर्ज बढ़ता ही गया ज्यों _ज्यों दवा की आपने |”‍‌

बेरोजगारी क्या है ?

हमारे देश में अनेक लोग रोजगार के लिए तैयार रहते है ,पर उन्हें रोजगार नही मिलता है| जनसँख्या ज्यादा होने के कारण सभी लोगो को समय पर रोजगार नही मिल पाता और इसे ही बेरोजगार कहते है

जब व्यक्ति रोजगार के लिए इक्छुक हो और उन्हें रोजगार न मिले उसे हम बेरोजगारी कहते है |

भारत में बेरोजगारी को बढ़ाने वाले कारक –

1.जनसंख्या में वृद्धि

2.आर्थिक विकास में मंदी

3.मशीनीकरण

4.शिक्षा तथा योग्यता में कमी

1.जनसँख्या में वृद्धि:- हमारे देश में बेरोजगारी का सबसे बड़ा कारण जनसख्या वृद्धि है\ तेजी से जनसँख्या में वृद्धि होने के कारण हमारे पास रोजगार के अवसरों में कमी रहती है क्योंकि उतनी तेजी से हम रोजगार के अवसरों को विकसित नही कर पाते है तथा हमे इस समस्या का सामना करना पड़ता है |

2.आर्थिक विकास में मंदी :- हमारा देश एक विकसित तथा विशाल देश है| देश की सम्पूर्ण जनसँख्या को समय पर रोजगार प्राप्त करवाना संभव नहीं है | इसलिए सभी को रोजगार देना आसान नही है |देश का आर्थिक विकास बेरोजगारी का प्रमुख कारण है |

3.मशीनीकरण :- सरकार की उद्योग निति भी इस समस्या को विकराल बना रही है | हमारे यहाँ औद्योगिकीकरण के रूप में बड़े उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है | मशीनीकरण के कारण बेकारी की समस्या और बढ़ गई है |लघु अथवा कुटीर उद्योगों के विकास से रोजगार के जो अवसर उपलब्ध हो सकते है ,वह उद्योगों के लगने से नही मिल सकते है|

4.शिक्षा तथा योग्यता में कमी :- शिक्षा के बिना व्यक्ति को रोजगार मिलना बहुत ही मुश्किल है, क्योंकि आज हर कार्य को करने में मेहनत से ज्यादा ज्ञान का होना जरूरी है |अशिक्षित लोगो को आज कोई आसान कार्य नही मिल पता है पर वे कठिन कार्यो को अपना कर अपना गुजरा करते है ,इसलिए रोजगार के लिए शिक्षा का होना अत्यंत आवश्यक है |

बेरोजगारी खत्म करने सम्भव समाधान:-

घरेलू उद्योगों का विकास ;- हमारे देश की बेरोजगारी को देखते हुए हमारे देश के नवजवानों को घरेलू उद्योगों का निर्माण करना चाहिए,जैसे 1. अगरबत्ती बनाने का काम अगरबत्ती बनाने का उद्योग कम लागत में अधिक लागत उद्योग है |

2. नमकीन खाना सबको पसंद होता है कुशल व्यक्ति नमकीन बना कर बाज़ार में बेच सकता है जिससे उसको अच्छा मुनाफा मिल सकता है

3. आज कल फास्टफूड खाने का ट्रेंड काफी चल रहा है इसलिए हमे समोसा,बर्गर ,टिकिया फुल्की ,चओमिन जैसी चीजों का छोटा-मोटा स्टोल खोल कर काफी आमदमी कमाई जा सकती है

जनसंख्या पर नियन्त्रण :- भारतीय जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए भारत सरकार ने कुछ कदम उठाये है जो इस प्रकार है |

  1. सरकार ने पुरुषो के लिए न्यूनतम विवाह योग्य आयु 21 वर्ष और महिलाओ 18 वर्ष तय की है जिसका पालन हर वर्ग के लोगो को करना चाहिए |
  2. परिवार के नियोजन के महत्व के बारे में लोगो को संवेदनशील बनाना सरकार के लिए आवश्यक है | यह रेडियो,टीवी ,इन्टरनेट और संचार के अन्य रूपों के माध्यम से बार-बार किया जाना चाहिए
  3. लोगो को भी आबादी नियंत्रित करने के महत्व को समझना चाहिए | यह न केवल उन्हें स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण तथा बेहतर जीवन स्तर प्रदान करेगा बल्कि अपने देश के समग्र विकास में भी मदद करेगा |

शिक्षा प्रणाली में सुधार:- बेरोजगारी व निर्धनता के निवारण का सबसे सशक्त माध्यम शिक्षा ही है | शिक्षा व्यापक अर्थो में लगभग हर सामाजिक-आर्थिक समस्या का समाधान बन सकती है,परन्तु बेरोजगारी निवारण में इसकी भूमिका अतुलनीय है | यदि भारत में शिक्षा तंत्र को जड़ से लेकर उच्चतम स्तर तक सशक्त बना दिया जाए तो बेरोजगारी की समस्या का हल ढूँढना बेहद आसान हो जायेगा|

कृषि का विकास :- भारत एक कृषि-प्रधान देश है | कृषि विकास होने से बेरोजगारी में कमी आ सकती है | कृषि में नवीन उपकरणों,कृत्रिम खादों,उन्नत्र बीजो,सिंचाई योजनाओं,कृषि योग्य नै भूमि तोड़ने, वृक्षा-रोपण, बाग़-बगीचे लगाने व सघन खेती से रोजगार के अवसर बढ़ाये जा सकते है |

रोजगार दफ्तरों की स्थापना :- बेरोजगारी का एक कारण जानकारी का अभाव भी है |इस सन्दर्भ में बड़े पैमाने पर रोजगार दफ्तरों की स्थापनाकी आवश्यकता है | देश के अंदर रोजगार शिक्षित एवं प्रशिक्षित, कुशल एवं अकुशल श्रमिकों तथा अनपढ़ किन्तु शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ बेकारो को रोजगार सुविधाओ व सुअवसरो से अवगत कराया जा सकता है | इसकी शाखा ग्रामीण क्षेत्रो में तथा उन क्षेत्रो में हो जहाँ बेरोजगार श्रमिक की आवश्यकता है |

बेरोजगारी निवारण के अन्य उपाय :-

इन उपायों के अतिरिक्त बेरोजगारी निवारण में अग्रलिखित सुझाव महत्वपूर्ण हो सकते है –
1. श्रम की गतिशीलता को संतुलित करके कुछ हद तक बेरोज़गारी को कम किया जा सकता है।

2. बेरोजगारी बीमा योजना या बेरोज़गारी भत्ता आदि का प्रावधान सरकारों द्वारा तब तक किया जा सकता है, जब तक कि उसे रोजगार प्राप्त न हो जाये।

3. गाँव-नगर सम्बन्ध को और अधिक विकसित करके सही जगह पर सही स्किल वाले लोगों को भेजा जा सकता है साथ ही शहरों की कुछ खूबियों को गाँव में क्रियान्वित करके कुछ रोजगार का सृजन किया जा सकता है।

इस प्रकार बेरोजगारी को अनेक प्रयासों की संयुक्तता से दूर किया जा सकता है। इसके अनेक रूप है इसलिए अनेक प्रयास की आवश्यकता है। इसमें सरकार की भूमिका के साथ-साथ पूंजीपतियों तथा उद्योगपतियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं का योगदान उल्लेखनीय हो सकता है ।

बेरोजगारी निवारण के सरकारी प्रयास :-

(1) प्रधानमंत्री आवास योजना (2) मुद्रा ऋण योजना (3) सुरक्षा बीमा योजना (4) अटल पेंशन योजना (5) प्रधानमंत्री युवा योजना (6) प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (7) प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और 1500 रूपये मासिक भत्ता योजना-बेरोजगार और गरीब लोगों के लिए।

HELLO दोस्तों कैसे हो आप सब ,ठीक ही होंगे आज मै कुछ ख़ास टॉपिक लाया हूँ आप सभी के लिए Unemployment Essay In Hindi इस टॉपिक में आप सब को बेजरोजगारी के बारे में बताया गया है की कैसे हमारे देश में बेरोजगारी बढती जा रही है | और इस बेरोजगारी से कैसे बचे ,क्या-क्या बचाव है इससे बचने के लिए कैसे हम खुद को आत्मनिर्भेर बना सकते है ,कैसे छोटे-छोटे व्यसायो को करके बेरोजगारी को दूर कर सकते है उम्मीद है इस पोस्ट Unemployment Essay In Hindi को पढ़कर आपको नै चेतना एवं नई उम्मीद मिलेगी जिससे आप सब आप सब अपना जीवनयापन कर सकेंगे | अगर आप सब को मेरी इस पोस्ट Unemployment Essay In Hindi को पढकर अच्छा लगा हो तो प्लीज कमेंट जरुर करना |

आप सब के कमेंट से ही मुझे और लिखने का मन करेगा और मैं आप सब के लिए और ऐसी कई जानकारिया इकट्ठी कर सकूँगा | “धन्यवाद “

YOU MAY ALSO LIKE THESE POSTS

  • Cow Essay in Hindi – Educational Dose
  • Diwali Essay in Hindi – Educational Dose