Upma Alankar ka Udaharan

Upma Alankar ka Udaharan :- नमस्कार दोस्तों स्वगत है हमारी आज की पोस्ट Upma Alankar ka Udaharan में साथियो आप जब कोइ परीक्षा देते हो तो हिंदी में हिंदी व्याकरण से अलंकार नमक शब्द का बहुत प्रयोग किया जाता है उसी अलंकार में से एक अलंकार उपमा अलंकार है जो की परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है साथियो अलंकार आप तीसरी क्ष से लेकर इंटर तक पढ़ते है और परीक्षा में बहुत पूछा जाता हैl
उपमा अलंकार किसी कहते है :- तुलना शब्द उपमा शब्द का अर्थ है , जब किसी दो वस्तु के आकृति , गुण , स्वभाव आदि में क़ोई समानता दिख जाए या दो अलग अलग वस्तु की तुलना की जाए तो उपमा अलंकार कहलाता है l

Upma Alankar ka Udaharan

यह कह सकते किसी वस्तु या व्यक्ति की तुलना किसी दूसरे वस्तु या व्यक्ति की जाए तो उपमा अलंकार कहलाता है तथा हिंदी ग्रामर के अलंकारों में से उपमा अलंकार एक है l
उदहारण :- हरि पद कोमल कमल
हरि पद कोमल कमल में हरी की पैरो की तुलना कमल के फूल की भांति किया गया है और उनके पैरो को कमल के फूल की तरह कोमल बतया जाता है l

उपमा अलंकार का उदहारण :-

पहचान उपमा अलंकार का उदहारण

  1. शत्रु को सहत्रबाहु के सामान माना है l सहसबाहु सम रिपु मोरा।

2. चांद के समान ऊजली बताया गया है l चाँद की सी उजली जाली l

3. पीपल की पत्तियों के समान मन के पीपर पात सरिस मन डोला

डोलने का वर्णन हो रहा है l

4. भगवन के चरणो कमल के पुष्प जैसे हरिपद कोमल कमल से

कोमल बताया है l

उपमा अलंकार प्रकार :-

उपमा अलंकार दो प्रकार के होते है
1 . पुर्णोपमा
2 .लुप्तोपमा
जैसे :- ह्रदय हो गंम्भीर सागर सा
मन हो ऊंचा जिसका गिरी सा
यह उदहारण में ह्रदय और मन उपमेय तथा सागर और गिरी उपमान तथा सा वचक शब्द ,ऊंचा और गंम्भीर साधरण धर्म है l

पुर्णोपमा :-

इस अलंकार में सभी उपमा अलंकार ही अंग होते है जो कुछ इस प्रकार अंग है उपमेय उपमान वाचक तथा साधारण धर्म आदि है जिसे पुर्णोपमा अलंकार कहते है l
उदाहरण :- सागर सा गंभीर हदय हो ,
गिरी से ऊंचा हो जिसका मन

लुप्तोपमा :-

इस अलंकार में उपमा के सभी अंगो मर सर किसी एक या दो या तीन का न हो जाए तो वहाँ पर ही लुप्तोपमा अलंकार कहते है lउदाहरण :- कल्पना सी अतिशय कोमल
इस उदाहरण में यह देख सकते है की इसमें उपमेय न होने के कारण लुप्तोपमा अलंकार है l

उपमा अलंकार के अंग :-

उपमा अलंकार चार अंग होते है
उपमेय
उपमान
वाचक शब्द
साधरण धर्म

उपमेय की परिभाषा :-

अगर किसी वस्तु की समानता उपमा देने के योग किसी दूसरे वस्तु की जाती है तो वंहा पे उपमेय अलंकार होता है l

उपमान की परिभाषा :-

जब किसी वस्तु में उपमेय की उपमा दी जाए उसे उपमान कहते है l

वाचक शब्द की परिभाषा :-

जब वस्तु में उपमेय और उपमान की समानता दिखाई या बताई जाती है तब जो शब्द का प्रयोग होता है उसे वाचक शब्द कहते है l

साधारण की परिभाषा :-

दो वस्तु के बिच सामंता दिखने के लिए जब भी किसी ऐसे धरम या गुरन की मदद ली जाती जो गुणों प्रयः सामान स्थित में हो तो उसी धरम या गुरन को साधारण कहते है l

You may also like these post :-

निष्कर्ष :-

हमें आशा है की हमारी पोस्ट Upma Alankar ka Udaharan में आपका उपमा अलंकार की सारी जानकारी मिल गयी होगी साथियो अगर आपको यह अच्छी लगे तो आपने दोस्तों में जरूर शेयर करे ल