Upsarg Kise Kahate Hain – Educational Dose

उपसर्ग किसे कहते हैं :-

नमस्ते दोस्तों कैसे है आप सब आशा है ठीक ही होंगे | आज मैं आप सब के लिए कुछ और ख़ास टॉपिक Upsarg Kise Kahate Hain लाया हूँ |क्या आप सब जानते हैं की उपसर्ग किसे कहते हैं और कितने प्रकार के होते हैं , अगर नहीं, तो आज हम इसके बारे में पढेंगे और जानेंगे | उम्मीद है आप सब हमारे इस टॉपिक Upsarg Kise Kahate Hain को पसंद करेंगे | धन्यवाद

Upsarg Kise Kahate Hain

वे शब्दांश जी किसी मूल शब्द के पूर्व में लगकर नये शब्द का निर्माण करते हैं अर्थात नए अर्थ शब्द का बोध कराते है, उन्हें उपसर्ग कहते है | उपसर्ग 2 शब्दों के मिलाप से बनता है जो उप और सर्ग है |

उप का अर्थ समीप या पास से है और वही सर्ग का अर्थ सृजन करना करना है | किसी शब्द के समीप आ कर नया शब्द बनाना ,जो शब्दांश शब्दों के आदि में जुडकर उनके अर्थ को बदल देते है या परिवर्तित कर देते है, वे ही उपसर्ग कहलाते है |

जैसे :- योग एक सार्थक शब्द है, जिसका अर्थ साधना है |यदि सार्थक शब्द के पहले उपसर्ग जोड़ दे तो हमें एक नया शब्द मिलेगा |

Upsarg Kise Kahate Hain
सर्ग उपसर्ग
सार्थक शब्द योग =साधना उपसर्ग प्र + योग = इस्तेमाल करना
हार = पराजय प्र + हार = चोट करना
हार = पराजय आ +हार = भोजन
हार = पराजय सं +हार = विनाश
हार = पराजय वि +हार = घूमना

उपर्युक्त उदाहरण से आप सब समझ ही गए होंगे की उपसर्ग किसे कहते है

अब आइये जानते है की उपसर्ग को कितने भागो में बता गया है |

  1. संस्कृत के उपसर्ग
  2. हिंदी के उपसर्ग
  3. अरबी – फारसी ,अंग्रेजी ,उर्दू के उपसर्ग

1.संस्कृत के उपसर्ग :-

संस्कृत में उपसर्ग की संख्या 22 होती है | ये उपसर्ग हिंदी में भी प्रयुक्त होते है ,इसलिए इन्हें संस्कृत के उपसर्ग कहते है | संस्कृत के उपसर्ग को हिंदी व्याकरण में तत्सम शब्द के नाम से भी जाना जाता है, संस्कृत के उपसर्ग से ही हिंदी के उपसर्ग विकसित हुए है |

संस्कृत में उपसर्गों की संख्या और उनके प्रकार |

संस्कृत में उपसर्गों की संख्या 22 है और वे इस प्रकार है जैसे :-

1 अति- अति शब्द को हम अगर रिक्त शब्द से जोड़ दे जो पहले से मूल शब्द है तो अति जोड़ने से एक न्य शब्द मिलेगा जो है अति + रिक्त (खाली ) = अतिरिक्त = जरूरत से ज्यादा

इसी तरह

2. अधि – कार मूल शब्द है अधि + कार = अधिकार = अपना हक जताना

3. अनु -शासन मूल शब्द है अनु + शासन = अनुशासन = नियंत्रण / नियमबद्ध आचरण

4. अप – मान मूल शब्द है अप + मान = अपमान = बेज्जती होना

5. अभि – मान मूल शब्द है अभि + मान = अभिमान = घमंड होना

6. अव – गुण मूल शब्द है अव + गुण = अवगुण = कोई गुण न होना

7. आ – गमन मूल शब्द है आ + गमन = आगमन = किसी का घर पर आना

8. उत -तम मूल शब्द है उत + तम = उत्तम = सर्वश्रेठ , सबसे अच्छा

9. उप – कार मूल शब्द है उप + कार = उपकार = भला करना

10. सु – गम मूल शब्द है सु + गम = सुगम = आसान ,सरल ,सहज

11. अ / अन – पढ़ मूल शब्द है अन + पढ़ = अनपढ़ = अशिक्षित , गँवार

12. दु – बला मूल शब्द है दु + बला = दुबला = कमजोर व्यक्ति

इत्यादि …….

2. हिंदी के उपसर्ग :-

जिस तरह संस्कृत उपसर्ग 22 प्रकार के होते है उसी तरह से हिंदी के उपसर्ग 12 प्रकार के होते है | जो इस प्रकार है :-

  1. अ – भाव मूल शब्द है अ + भाव = अभाव = कमी
  2. नि – डर मूल शब्द है नि + डर = निडर = किसी का डर न होना
  3. अन – पढ़ मूल शब्द है अन + पढ़ = अनपढ़ = गँवार
  4. कु – मति मूल शब्द है कु + मति = कुमति = बुरी बुद्धि वाला
  5. अध – पका मूल शब्द है अध + पका = अधपका = आधा पका हुआ
  6. औ – रत मूल शब्द है औ + रत = औरत = नारी
  7. उन – नाव मूल शब्द है उन + नाव = उन्नाव = जगह का नाम
  8. दु – धारु मूल शब्द है दु + धारू = दुधारू = ज्यादा दूध देने वाली
  9. बिन – खाया मूल शब्द है बिन + खाया = बिनखाया = जो कुछ न खाया हो
  10. भर – पूर मूल शब्द है भर+ पूर = भरपूर = अधिक मात्रा में
  11. पर – लोक मूल शब्द है पर + लोक = परलोक = स्वर्ग, बैकुंठ ..
  12. सु – डोल मूल शब्द है सु + डोल = सुंदर आकृति वाला

3. अरबी-फारसी के उपसर्ग एवं उनसे बने शब्द उपसर्ग अर्थ उदाहरण

  • दर में दरकिनार ,दरमियान ,दरअसल ,दरकार ,दरगुजर
  • कम थोड़ा कमज़ोर ,कमबख्त ,कमउम्र ,कमअक्ल ,कमसमझ
  • ला नहीं लाइलाज ,लाजवाब ,लापरवाह ,लापता ,लावारिस
  • ब के साथ बखूबी ,बदौलत ,बदस्तूर ,बगैर ,बनाम
  • बे बिना बेनाम ,बेपरवाह ,बेईमान ,बेरहम ,बेहोश ,बेचैन ,
  • बा साथ से बाकायदा ,बाअदत ,बावजूद बाहरो
  • बद बुरा बदनाम ,बदमाश ,बदतमीज ,बदबू ,बदसूरत ,
  • ना अभाव नालायक ,नाकारा ,नराज ,नासमझ ,नाबालिक, नाचीज
  • गैर भिन्न गैरहाजिर ,गैरकानूनी ,गैरसरकारी ,गैरजिम्मेदार
  • हम आपस में हमराज ,हमदर्द ,हमजोली ,हमनाम ,हमउम्र ,हमदम
  • हर सब हरलाल ,हरसाल ,हरवक्त ,हररोज ,हरघडी ,हरएक
  • खुश अच्छा खुशबु ,खुशनसीब ,खुशमिजाज ,खुशदिल ,

नमस्ते दोस्तों कैसे है आप सब आशा है ठीक ही होंगे | आज मैं आप सब के लिए कुछ और ख़ास टॉपिक Upsarg Kise Kahate Hain लाया हूँ |क्या आप सब जानते हैं की उपसर्ग किसे कहते हैं और कितने प्रकार के होते हैं , अगर नहीं, तो आज हम इसके बारे में पढेंगे और जानेंगे | उम्मीद है आप सब हमारे इस टॉपिक Upsarg Kise Kahate Hain को पसंद करेंगे | हमारे इस पोस्ट से आपको काफी सारी जानकारी मिली हो तो कमेंट करना मत भूलियेगा |

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